जानिए, जर्मनी पर मैक्सिको की जीत का कॉल गर्ल पार्टी से क्या है रिश्ता?

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क्या आप जानते हैं कि डिफेंडिंग चैम्पियन जर्मनी पर मैक्सिको की 1-0 से जीता का संबंध एक कॉल गर्ल पाटी से जुड़ा है? आपको यह सवाल बेशक हैरान कर सकता है, लेकिन इस जीत का एक पहलू यह भी हो सकता है। मैक्सिको के खिलाड़ियों के लिए यह मैच जीतना बेहद जरूरी था, क्योंकि मैक्सिको की टीम के खिलाड़ियों पर कॉल गर्ल के साथ पार्टी करने और ड्रग की तस्करी के आरोप लगे थे, जिसके बाद उनकी काफी किरकिरी हो रही थी।

मैक्सिको के एक स्थानीय अखबार नोटास ने खबर छापी थी कि 5 जून को मैक्सिको टीम के खिलाड़ियों ने 30 कॉल गर्ल्स के साथ एक प्राइवेट पार्टी की थी। इससे पहले टीम के कप्तान रॉफेल मार्क्यूज पर ड्रग तस्करी में शामिल होने के आरोप लग चुके थे। ऐसे गंभीर आरोपों से टीम की काफी बेइज्जती हो रही थी और टीम के जिम्मेदार सदस्यों पर कार्रवाई किए जाने की मांग की जा रही थी।

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इन गंभीर आरोपों पर हालांकि मैक्सिको के फैन्स दो गुटों में बंट गए थे। कुछ फैन्स जहां अपने खिलाड़ियों के सपोर्ट में खड़े थे, वहीं अनेक ऐसे भी थे, जिन्हें अपनी पसंदीदा टीम की बातें अच्छी नहीं लगीं थीं। वे सोशल मीडिया पर भी खिलाड़ियों की जमकर आलोचना कर रहे थे। इन सबके बीच मैक्सिको फुटबॉल महासंघ ने खिलाड़ियों को राहत देते हुए उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का फैसला किया था।

लेकिन कार्रवाई से भले बच गए, पर अपने ऊपर लगे दाग धोने का एकमात्र उपाय था खेल के मैदान में अच्छा प्रदर्शन करना। इसलिए मैक्सिको के खिलाड़ी जर्मनी के खिलाफ मैच में कमर कसकर आए थे। उनकी एकजुटता हैरान करने वाली थी। उन्होंने जर्मनी के एक भी प्रयास को सफल नहीं होने दिया। मैक्सिको की तरफ से जहां हिरविंग लोजानो ने जेवियर हर्नान्डेज के पास पर शानदार गोल किया। वहीं मैक्सिको के गोलकीपर गुइलेरमो ओचोआ ने जर्मनी के गोल करने के तमाम प्रयासों को विफल कर दिया।

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बहरहाल, मैक्सिको की इस जीत से मैक्सिको फुटबॉल महासंघ ने भी राहत की सांस ली है। खिलाड़ियों पर कॉल गर्ल के साथ पार्टी की खबर आने के बाद मैक्सिको फुटबॉल महासंघ पर कार्रवाई करने का दबाब था, लेकिन उसने कार्रवाई नहीं करने का फैसला किया था। महासंघ के जनरल सेक्रेटरी गलइलेरमो कांटू की दलील थी कि खिलाड़ियों पर कार्रवाई नहीं की जा सकती, क्योंकि उन्होंने प्रैक्टिस सेशन के बाद खाली समय में पार्टी की थी।

इसके बाद महासचिव कांटू भी सोशल मीडिया पर मैक्सिको टीम के फैन्स के निशाने पर आ गए थे। स्थानीय मीडिया में भी उनके इस रवैये को टीम के लिए नुकसानदायक बताया गया था। खिलाडियों का भी जमकर मजाक उड़ाया जा रहा था।

ऐसे में मैक्सिको की टीम के लिए जर्मनी के खिलाफ यह मैच करो या मरो जैसा बन गया था। माना जा रहा है कि जर्मनी पर मैक्सिको की पहली जीत के बाद उसके फैन्स पुरानी बातों को भूल जाएंगे और फिर से टीम के साथ खड़े हो जाएंगे। साथ ही, टीम के आलोचक भी अब टीम की प्रशंसा करेंगे।

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